आखिर क्या है वक़्फ़ बोर्ड? क्या भारत में अब वक़्फ़ बोर्ड ( waqf board ) अब ख़त्म हो जायेगा ?

नमस्कार साथियो हाल में ही वक़्फ़ बोर्ड चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन यदि आपको नहीं पता की वक़्फ़ बोर्ड ( waqf board ) क्या है और यह क्यों सुर्खियों में है तो चलिए आज हम जानते है की आखिर वक़्फ़ बोर्ड क्या है और इसके चर्चा में होने के पीछे क्या कारण है इसके साथ ही हम जानेंगे की इस बोर्ड की स्थापना कब हुई और इसका इतिहास क्या रहा है साथ ही बोर्ड पर बार-बार हिन्दुओं की जमीन छीनने और धर्म परिवर्तन के आरोप क्यों लगते आये है इस आरोपों में कितनी हकीकत है ?

आखिर क्यों वक़्फ़ बोर्ड (waqf board) चर्चा का विषय बना हुआ है ?

दरअसल हाल में ही भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा संसद हरनाथ सिंह यादव ने वक़्फ़ बोर्ड अधिनियम 1995 को ख़त्म करने के लिए सदन निजी बिधेयक पेश किया है, उनका कहना है की वक़्फ़ बोर्ड के कारण देश में असमानता फैल रही है साथ ही इसकी आड़ में धर्मांतरण भी किया जा रहा है और साथ ही उनका कहना है की आजादी के देश का बटवारा ही धर्म के नाम पर नाम पर हुआ था तो ऐसे किसी बोर्ड की आवश्यक ही नहीं थी लेकिन कॉग्रेस सरकार के इसकी स्थापना करके बहुत बड़ी गलती कर दी थी जिसे सही करने का समय आ गया है,

हरनाथ सिंह यादव जी के इस बिधेयक के पक्ष में सदन में कुल 53 वोट आये ही 32 वोट इस बिधेयक के विपक्ष में आए अब यह बिल राष्ट्रपति के पास जाने के बाद दोवारा सदन में आएगा फिर इस पर बिचार क्या जायेगा।

वक़्फ़ बोर्ड (woqf board) क्या है ?

भारत में वक्फ बोर्ड का इतिहास बहुत प्राचीन है और इसकी मूल उत्पत्ति इस्लामी शासनकाल में हुई। “वक्फ” एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ है “समर्पित” या “सम्पन्न किया हुआ”। यह एक इस्लामी संस्कृति में महत्त्वपूर्ण प्रत्यावर्ती संपत्ति है, जिसे ईमानदारी और समाज की उन्नति के लिए दान की जाती है। वक्फ की संपत्ति, संस्कृति, या सामाजिक क्षेत्र में उपयोग की जाती है और इसे किसी भी व्यक्ति की स्वामित्व में नहीं होने दिया जाता।

सामान्य शब्दो में समझें तो वक़्फ़ का मतलब होता है ‘दान किया हुआ ‘ या काहे की धर्म के क्या हेतु या धर्म के लिए दिया गया दान पहले इसके दान में केबल भूमि मिलती थी लेकिन अब इसे किसी भी प्रकार की चल और अचल संपत्ति दान की जा सकती है लेकिन वर्तमान में वक़्फ़ बोर्ड केवल दान लेने वाली सस्था तक ही सिमित नहीं रहा आगे हम आपको बतायेंगे इसकी बास्तविक ताकत क्या है और इस पर किस किस तरह के आरोप लगाए गए है लेकिन उससे पहले जानते है वक़्फ़ बोर्ड का इतिहास क्या रहा है ?

waqf board का इतिहास क्या है?

भारत में वक्फ बोर्ड का गठन और प्रबंधन मुस्लिम धर्म के लिए दान की गई सम्पति के लिए किया जाता है। इसका प्रारंभिक मकसद मुस्लिम समुदाय के लिए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक उपयोगों के लिए धर्मिक संपत्तियों का प्रबंधन करना था। वक्फ बोर्ड सम्पत्ति के उपयोग, देखभाल, और परिवहन के लिए जिम्मेदार होता है।

मुग़ल साम्राज्य समय में भारत में वक्फ की संपत्ति बहुतायत में बढ़ी और मुग़ल सम्राटों ने इसे प्रबंधित करने के लिए विशेष अधिकार दिए। वक्फ के संबंध में आगे बढ़ते हुए, ब्रिटिश साम्राज्य के समय में, 1863 में भारत सरकार ने वक्फ प्रबंधन के लिए “वक्फ कामिश्नर्स” का गठन किया।

इसके बाद, 1884 में “वक्फ बोर्ड” का गठन हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्ति के प्रबंधन और विकास के लिए जिम्मेदारी संभालना था। बोर्ड को मुस्लिम धर्मीय संपत्तियों के लिए व्यवस्थाएं करने का कार्य था।

वक़्फ़ बोर्ड ( woqf board ) 1995 अधिनियम क्या है ?

1995 वक्फ अधिनियम के अंतर्गत, वक्फ प्रबंधन और वक्फ संपत्ति के प्रबंधन के लिए एक समृद्ध नियंत्रण प्रक्रिया और व्यवस्था स्थापित की गई थी। यह अधिनियम भारतीय वक्फ बोर्ड और राज्य वक्फ बोर्ड की स्थापना, संरचना, और कार्यों को व्यवस्थित करता है।

इस अधिनियम में वक्फ संपत्ति के प्रबंधन, रख-रखाव, अनुशासन, संरक्षण, संवर्धन, खरीद-बिक्री, अदालती प्रक्रिया, वक्फ के नाम पर ज़मीन के दावों का सम्बन्ध, वक्फ के प्रति अनुमानित नीतियों और वक्फ संपत्ति के नियम और विधियों का विवरण होता है।

क्यों है यह बोर्ड इतना शक्तिशाली ?

दरअसल इस बोर्ड मेंबर,सर्वेयर या कार्याधिकारी किसी भी संपत्ति को यदि बोल दें की यह सम्पत्ति वक़्फ़ बोर्ड की है तो यह बात बोर्ड को साबित नहीं करनी होती की यह सम्पत्ति उसकी क्यों है बल्कि उस शख़्स जिस के पास अभी सम्प्पति है उसे साबित करना होता है की यह संपत्ति उसकी है और यह उसे किसी न्ययालय में नहीं बल्कि वक़्फ़ बोर्ड के सामने ही साबित करनी होगी है यह सम्पति क्यों उसकी है साथ ही कोई भी waqf board के खिलाफ किसी भी अदालत में नहीं जा सकता यानि यह एक पूर्ण स्वतंत्र संस्था है जो मुख्य रूप से मुस्लिम धर्म के लिए कार्य करती है।

वक़्फ़ बोर्ड की सच्चाई क्या है? क्यों रहा विवादो में

वक्फ बोर्ड रेल और सेना के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा जमींदार बनता जा रहा है। अल्पसंख्यक मंत्रालय के अनुसार वक्फ बोर्ड के पास पूरे देश भर में 8,65,646 संपत्तियाँ पंजीकृत हैं। इनमें से 80 हजार से ज्यादा संपत्ति वक्फ के पास केवल बंगाल में हैं। इसके बाद पंजाब में वक्फ बोर्ड के पास 70,994, तमिलनाडु में 65,945 और कर्नाटक में 61,195 संपत्तियाँ हैं। देश के अन्य राज्यों में भी इस संस्थान के पास बड़ी संख्या में संपत्तियाँ हैं।

आपको जानकर हैरानी होगी कि वक्फ का कॉन्सेप्ट इस्लामी देशों तक में नहीं है। फिर वो चाहे तुर्की, लिबिया, सीरिया या इराक हो। लेकिन भारत में मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते आज हालात ऐसे हैं कि इन्हें देश में तीसरा सबसे बड़ा जमींदार बताया जा रहा है। इनके पास अकूत संपत्ति है। यदि यह बोर्ड अल्प संख्यको के लिए बनाया गया है तो इस तरह के बोर्ड जैन,बौद्ध आदि धामों के लिए भी बनाये जाने चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं है इससे साफ़ होता है की यह बोर्ड केवल मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति का परिणाम है।

बोर्ड की आड़ में धर्म परिवर्तन का खेल कैसे होता है ?

धर्म परिवर्तन की एक कहानी आती है तमिलनडु के त्रिची नामक जिले के गांव की जहाँ की लगभग 1500 की आवादी में करीब 7 से 8 घर मुस्लिम परिवार से थे अन्य हिन्दू धर्म से आते थे। एक दिन अचानक वक़्फ़ बोर्ड में गांव की पूरी जमीन पर अपना हक़ बताया और खाली करने का जिला कलेक्टर के द्वारा अदेश भिजवा दिया अब होता यह है की बोर्ड के खिलाफ कोई कोर्ट में भी नहीं जा सकता ऐसे में जब ग्रामीणों के पास कोई ऑप्शन नहीं बचा तब उन्हें आखिरी में कहा गया की यदि आप मुस्लिम धर्म अपना लेते हे तो आपको आपकी जमीन वापस मिल जाएगी।

इसी तरह दूसरा किस्सा है महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का जहां के एक ग्राम के लोगो को अपनी जमीन छोड़ने का आदेश दिए गया और अंत में जब ग्रामीणों के पास कोई रास्ता नहीं बचा तो उन्हें भी मुस्लिम धर्म अपनाने का ऑप्शन दिया गया। इन धटनाओं से साफ जाहिर होता है की यह बोर्ड देश की शांति और धार्मिक सौहार्द के लिए खतरा है वैसे भी भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है ऐसे में इस तरह के सरकारी धार्मिंक बोर्ड को उचित नहीं माना जायगा। इस पर अपनी राय हमें कमेंट में जरूर लिखे इससे हमें आगे लिखने का साहस मिलेगा “धन्यवाद”

waqf board के बारे में अन्य महत्वपूर्ण जानकरी –

1) वर्तमान समय में भारत में एक सेन्ट्रल वक़्फ़ काउंसिल और 32 स्टेट बोर्ड है

2) 1995 की धरा 40 के अनुसार कोई भी वयक्ति बोर्ड में अर्जी लगाकर अपनी सम्पति बोर्ड को दे सकता है।

3) एक सर्वे के अनुसार वक़्फ़ बोर्ड के पास कुल 8 लाख 54 हजार की सपत्तिया है।

4) बोर्ड की जमीन को ख़रीदा या बेंचा नहीं जा सकता इसे केवल दान किया जा सकता है।

5) ध्यान रहे की बोर्ड की जमींन को केवल मुस्लिम को ही दान दिया जा सकता है।

6) वक़्फ़ बोर्ड एक बार ताजमहल पर भी अपना अधिकार जता चूका है लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे ख़ारिज कर दिया गया।

7) भारत में भारतीय सेना और रेलवे के बाद तीसरा सबसे बड़ा भूमि का मालिक waqf board है।

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